कांग्रेस ने लिया फैसला, 1 महीने तक किसी भी टीवी डिबेट में नहीं भेजेगी अपने प्रवक्ता
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस पार्टी के अंदर उत्तल पुथल मची हुई है। पहले लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की। राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेताओं के साथ साथ राजस्थान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से भी नाराज नजर आए। राहुल गांधी की शिकायत थी कि इन्होंने कांग्रेस पार्टी की नीतियों का प्रचार जनता के बीच नहीं किया। बल्कि यह अपने सगे संबंधियों को टिकट दिलाने के प्रयास में लगे रहे। एक तरफ जहां राहुल गांधी अपने इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा फैसला लिया है। कांग्रेस पार्टी ने फैसले लेते हुए यह कहा है कि वह टीवी डिबेट में 1 महीने तक आपने किसी भी प्रवक्ता को नहीं भेजेगी।
एक महीने तक टीवी डिबेट में भाग नहीं लेंगे कांग्रेस प्रवक्ता
कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 52 सीटें जीती हैं। यह 2014 के मुकाबले में जीती गई सीटों से ज्यादा है। मगर इसके बावजूद कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर के माध्यम से यह जानकारी दी कि आने वाले 1 महीने तक कांग्रेस का कोई भी प्रवक्ता किसी भी टीवी डिबेट में भाग नहीं लेगा। इसके साथ-साथ उन्होंने टीवी चैनल्स के एंकर और एडिटर से यह अपील भी की कि वह किसी भी कांग्रेस प्रवक्ता को अपने टीवी शो में शामिल होने के लिए ना भेजें। कांग्रेस द्वारा यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया जब लोकसभा में उसे शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है।
कुछ समय तक अध्यक्ष बने रहेंगे राहुल गांधी
लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी राहुल गांधी ने खुद के कंधों पर ली थी। जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी। मगर कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक जब तक राहुल गांधी के विकल्प की तलाश नहीं करी जाती तब तक राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बने रहेंगे। अगर राहुल गांधी अचानक इस तरह कोई फैसला लेते हैं तो इससे पार्टी के अंदर नकारात्मक माहौल बन सकता है।

मेरे लिखने का सभी के लिए भले कोई अर्थ नहीं होता..
मगर मेरा लिखना हर किसी के लिए व्यर्थ नहीं होता।



